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Bulandshahr

चार माह के एकीकृत निक्षय दिवसों पर खोजे गये 71 नये टीबी मरीज

हर स्वास्थ्य केंद्र पर टीबी मरीजों की जांच की सुविधा उपलब्ध, हर माह 15 तारीख को मनाया जाता है एकीकृत निक्षय दिवस 

बुलंदशहर: जनपद में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जागरूकता फ़ैलाने और टीबी मरीजों को खोजने के लिए चलाए जा रहे विशेष कार्यक्रमों के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। जनपद में हर महीने की 15 तारीख को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जाता है। इस विशेष दिवस पर जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर ओपीडी में आने वाले 10 प्रतिशत उन मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है, जिनमें प्रथमदृष्ट्या लक्षण नजर आते हैं। जनपद में अब तक मनाये गये चार निक्षय दिवसों पर टीबी के 71 नये रोगी मिले हैं। इन सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में जनपद में 4143 मरीज उपचाराधीन हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनय कुमार सिंह ने बताया – क्षय उन्मूलन के लिए सबसे जरूरी है, टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान होना, जितनी जल्दी पहचान, उतनी जल्दी उपचार और उतनी ही जल्दी टीबी संक्रमण का फैलना बंद। क्षय रोग इकाई का पूरा फोकस है कि टीबी मरीजों की जल्दी से जल्दी पहचान हो। उन्होंने बताया –  पल्मोनरी (फेफड़ों की) टीबी मरीज के खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के सम्पर्क में आने से फैलती है। उपचार शुरू होने के करीब एक माह बाद संक्रमण फैलने की आशंका  न के बराबर रह जाती है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ हेमंत रस्तोगी ने बताया- क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। विभाग की कोशिश है कि जल्द से जल्द जनपद को टीबी मुक्त बनाया जाए। वर्ष 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त करने का प्रधानमंत्री का संकल्प है। उन्होंने बताया- शासन के निर्देश पर हर महीने की 15 तारीख को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जाता है। इस दिवस पर विशेष तौर पर टीबी रोगियों को खोजने पर फोकस किया जाता है। जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर ओपीडी में आने वाले दस प्रतिशत मरीजों की लक्षणों के आधार पर टीबी की स्क्रीनिंग की जाती है। जनपद में अब तक चार एकीकृत निक्षय दिवसों का आयोजन किया जा चुका है। इसमें अब तक 968 संभावित मरीज मिले, जिनमें टीबी जैसे लक्षण थे। प्रारंभिक जांच के बाद इनमें से 968 मरीजों की जांच की गयी, जिसमें 71 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। इन सभी का तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डा. रस्तोगी ने बताया – जनपद के समस्त सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य़ केन्द्रों सहित सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बलगम कलेक्शन की सुविधा है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की मदद से टीबी जांच करायी जा सकती है।

जनपद के निक्षय ऑपरेटर योगेश कुमार ने बताया- जनपद में पहला निक्षय दिवस 15 दिसम्बर को मनाया गया था, जिसमें 13 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। दूसरा एकीकृत निक्षय दिवस 16 जनवरी को मनाया गया,  जिसमें 22 मरीजों को पुष्टि हुई है। 15 फरवरी को आयोजित एकीकृत निक्षय दिवस पर 19 नये मरीज मिले। वहीं 15 मार्च को निक्षय दिवस में 17 मरीज मिले। जनपद में अब तक 71 मरीज मिले हैं।

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